चह चहाती चिड़िया
सर और कन्धों से उडी
और मौसम की हवा
और रंग ले गई
चह चहाती चिड़िया
खेतों से उडी
और फसलों के दाने
बीन ले गई
चह चहाती चिड़िया
गाँव से उडी
और पैरों में
समृद्धि दबा ले गई
चह चहाती चिड़िया
पेड़ पर बैठी
और उसका
बसंत ले गई
चह चहाती चिड़िया
आकाश से गिरी
जमीन पर फडफडाई
और वहीँ मर गई.
- राधेशाम विजघावने
अति सुंदर रचना
ReplyDeleteधन्यवाद