तुझे ज़िन्दगी से, मैं कैसे जुदा करूँ
तू है रौशनी, तू है चाँद मेरा
तुझे आँखों से, मैं कैसे दूर करूँ
तू है दिल की धड़कन, तू है साँस मेरी
तुझे कैसे ज़िन्दगी से, अलग मैं करूँ
तू है राज़ मेरा, तू है याद मेरी
तुझे कैसे दिल से, बयां मैं करूँ
तू है दुःख में मेरे, तू ख़ुशी है मेरी
तुझे कैसे अपने से, फ़ना मैं करूँ
तू है आस मेरी, तू आरजू है मेरी
तुझे कैसे ख्वाहिशों से, अलग मैं करूँ
तू मेरी दुआ है, तू इबादत है मेरी
तुझे कैसे खुदा से, माँगा मैं करूँ
No comments:
Post a Comment